रक्षा मंत्रालय वर्ष में दो बार सशस्त्र सेनाओं और केंद्रीय गृह मंत्रालय से वीरता पुरस्कारों के लिए सिफारिशें आमंत्रित करता है । सिफारिशें सामान्यतः गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पुरस्कारों के लिए अगस्त माह में और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पुरस्कारों के लिए मार्च माह में आमंत्रित की जाती हैं ।

सशस्त्र सेनाओं के संबंध में वीरता पुरस्कार संबंधी मामले पर यूनिट द्वारा कार्रवाई की जाती है और यदि उपयुक्त पाया जाता है तो उसे वीरतापूर्ण कार्य के निष्पादित होने के तत्काल बाद कमांडरों द्वारा उचित माध्यम से विधिवत संस्तुत करके संबंधित सेना मुख्यालय को अग्रेषित किया जाता है । ऐसे सभी प्रस्तावों पर संबंधित सेना प्रमुखों के अनुमोदन से रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव पर सिफारिश करने से पहले सेना मुख्यालयों में पुरस्कार समिति द्वारा विचार किया जाता है ।

सिविलियन नागरिकों (रक्षा कार्मिकों के अतिरिक्त) के संबंध में सिफारिशें केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त की जाती हैं । गृह मंत्रालय सभी राज्य / संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों / विभागों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा रेलवे सुरक्षा बल इत्यादि से सिफारिशें (सिविलियन के संबंध में) आमंत्रित करता है । वीआईपी पत्रों सहित निजी व्यक्तियों से प्राप्त सिफारिशों को सीधे रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है । गृह मंत्रालय में उप समिति द्वारा सिफारिशों की संवीक्षा की जाती है और केंद्रीय गृह सचिव के अनुमोदन से उनकी सिफारिश को रक्षा मंत्रालय में स्वीकार किया जाता है ।

पुरस्कार के लिए संस्तुत व्यक्ति किसी प्रतिकूल रिपोर्ट में संलिप्त नहीं होने चाहिए अथवा उनके विरूद्ध कोई असंतोष अथवा निंदा न की गई हो अथवा कोर्ट मार्शल कार्यवाहियों में अथवा प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए कोई दंड न दिया गया होना चाहिए ।

वीरता पुरस्कार के लिए सिफारिश को वीरतापूर्ण कार्य निष्पादित होने के पश्चात जितना शीघ्र हो सके रक्षा मंत्रालय के पास भेजना सामान्यतः आवश्यक होता है । किसी मामले में वीरता पुरस्कारों पर विचार करने की समय-सीमा उस तारीख से जब वीरतापूर्ण कार्य निष्पादित किया गया है, उससे दो कलेंडर वर्षों से अधिक नहीं होनी चाहिए ।

सशस्त्र बलों और गृह मंत्रालय से प्राप्त सिफारिशों पर रक्षा मंत्री, तीनों सेना प्रमुखों एवं रक्षा सचिव की केंद्रीय सम्मान एवं पुरस्कार समिति (सीएचएंडएसी) द्वारा विचार किया जाता है । गृह मंत्रालय द्वारा संस्तुत मामलों के संबंध में गृह सचिव भी सदस्य हैं ।

इसके पश्चात केंद्रीय सम्मान एवं पुरस्कार समिति (सीएचएंडएसी) की सिफारिशों को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाता है । राष्ट्रपति से अनुमोदन प्राप्त होने के पश्चात गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुरस्कारों की घोषणा की जाती है ।